Muzzafarnagar Train Accident – Suresh Prabhu asks Chairman Railway Board to fix responsibility by the evenging

| August 20, 2017

मुजफ्फरनगर ट्रेन हादसा: अधिकारियों को प्रभु का निर्देश, शाम तक बताओ दोषी कौन

खतौली (मुजफ्फरनगर)
उत्कल एक्सप्रेस के हादसे का शिकार हो जाने के बाद रेल मंत्री सुरेश प्रभु एक बार फिर निशाने पर आ गए हैं। हादसे के लिए रेलवे की लापरवाही को जिम्मेदार बताते हुए के लिए विपक्ष प्रभु इस्तीफा मांग रहा है, लेकिन इस्तीफे के सवाल पर चुप्पी साधे रेल मंत्री ने अपने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे किसी भी हाल में आज शाम तक इस मामले में जवाबदेही तय करें। प्रभु ने घटना की जांच के आदेश शनिवार को ही दे दिए थे। उन्होंने कहा था कि वह खुद हालात पर नजर बनाए हुए हैं और किसी तरह की चूक का पता चलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।








आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने जहां सुरेश प्रभु के इस्तीफे की मांग की है, वहीं कांग्रेस ने 2014 के बाद हुए रेल हादसों के आंकड़े जारी कर केंद्र सरकार से पूछा है कि आखिर वह कब जागेगी। कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने कहा कि कोई सुरेश प्रभु को डिरेल मंत्री कह रहा था, वह वास्तव में फेल हैं। उधर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीटों की झड़ी लगाते हुए कहा, ‘मोदी सरकार मई, 2014 में सत्ता में आई। तब से अब तक 27 रेल हादसे हो चुके हैं, जिनमें 259 यात्रियों की मौत हो गई और 899 घायल हो गए। सरकार कब जागेगी?’




उधर रेल मंत्री प्रभु ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को आदेश दिया है कि आज दिन खत्म होने तक इस मामले में जवाबदेही तय कर दी जाए। प्रभु ने ट्विटर के जरिए जानकारी दी है कि रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं सदस्य (यातायात) से कहा गया है कि वे राहत और बचाव अभियान की निगरानी करें।

‘फरिश्ता’ बन आए स्थानीय लोग
हादसे का शिकार हुई उत्कल एक्सप्रेस के यात्रियों को स्थानीय लोगों की भरपूर मदद मिली। हादसे के बाद रेलवे की टीम के मौके पर पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोग यात्रियों की मदद के लिए पहुंच गए थे और रेस्क्यू टीम के पहुंचने के बाद भी स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव के काम में अपना सहयोग जारी रखा। लोगों ने यात्रियों को न सिर्फ बाहर निकालने में मदद की बल्कि उन्होंने खाना और जरूरत की अन्य चीजें भी यात्रियों को मुहैया कराईं।

इमरान अली ने नाम के युवक ने कहा, ‘स्थानीय लोगों ने हादसे के पीड़ित यात्रियों की मदद करने की पहल की और रात से ही हम उनकी मदद में जुटे हैं। हमने उन्हें खाना भी खिलाया। किसी ने हमें ऐसा करने का आदेश नही दिया। हमने अपने स्तर पर जो भी हो सका, पीड़ितों के लिए करने की कोशिश की।’ स्थानीय लोगों ने सुबह के वक्त भी मौके पर मौजूद राहत एवं बचाव दल के लोगों को चाय-नाश्ता कराया।




एक अन्य स्थानीय नागरिक ने बताया कि हादसा होने के कुछ मिनटों के अंदर ही नजदीक के गांवों के कई लोग मौके पर पहुंच गए थे। उन्होंने कई लोगों को बाहर निकालकर अपने वाहनों से उन्हें अस्पताल पहुंचाया। सतिंदर नाम के एक स्थानीय रहवासी ने कहा कि यहां मुस्लिम और हिंदू दोनों समुदायों के लोग रहते हैं और सभी ने मिलकर लोगों की जान बचाई। उन्होंने बताया कि कुछ लोग ट्रैक पर आई तकनीकी समस्या को दूर करने की कोशिशों में जुटे थे। उन्होंने कहा, ‘ट्रैक पर काम चल रहा था और कुछ लोग ट्रैक के गैप को ठीक करने के काम कर रहे थे, लेकिन दुर्भाग्य से इस ट्रैक पर ट्रेन को आने से वे नहीं रोक पाए और इतना बड़ा हादसा हो गया।’

इस बीच मेरठ लाइन की सभी ट्रेनों को शाम छह बजे तक के लिए दूसरे रूट पर डायवर्ट कर दिया गया है। रेलवे के डिविजलन मैनेजर आर.एन. सिंह के मुताबिक इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही रात 9 बजे तक सामान्य हो जाएगी।

Category: News, Seventh Pay Commission

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