आरक्षण के आधार पर प्रोन्नति का मामला क्षेत्रीय समिति के हवाले – हाई कोर्ट के आदेश

| August 19, 2017

हाईकोर्ट ने कई बार आदेश के बावजूद राज्य सरकार व उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से जवाब न दाखिल करने को गंभीरता से लिया है और पांच-पांच हजार रुपये हर्जाना जमा करने की शर्त पर 25 अगस्त तक जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति संगीता चन्द्रा ने दिलीप कुमार की याचिका पर अधिवक्ता घनश्याम मौर्य को सुनकर दिया। मामले के तथ्यों के अनुसार लोक सेवा आयोग ने कृषि तकनीकी सहायक भर्ती 2013 में लिखित परीक्षा के बाद साक्षात्कार के समय पर संख्या बढ़ा दी।








याची ने सामान्य श्रेणी में आवेदन किया था। उसे 285 अंक मिले। लेकिन 307 अंक तक वाले सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी ही साक्षात्कार में आए। जबकि पिछड़ा वर्ग में 265 अंक पाने वालों को साक्षात्कार में बुलाया गया। याची ने ओबीसी होने के आधार पर पिछड़ा वर्ग कोटे में शामिल करने की मांग की। इससे इनकार करने पर याचिका हुई।

कोर्ट ने 30 सितंबर 2015 को विपक्षियों से छह सप्ताह में जवाब मांगा। उसके बाद 18 मई 2017 को जवाब दाखिल नहीं हुआ तो 2 जून 2017 को जवाब के लिए अंतिम अवसर दिया। गत तीन अगस्त को आयोग के अधिवक्ता कोर्ट में मौजूद नहीं थे। इस पर कोर्ट ने कहा कि सरकार व आयोग ने अंतिम अवसर देने के बाद जवाब दाखिल नहीं किया। कोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि पांच हजार रुपये जमा करने पर ही जवाबी हलफनामे स्वीकार किए जाएं।




हाईकोर्ट ने इंटर कॉलेज के प्रवक्ता की आरक्षण के आधार पर प्रोन्नति पर नियमानुसार निर्णय के लिए मामला क्षेत्रीय समिति के पास भेज दिया है। कोर्ट ने समिति को चार सप्ताह में प्रोन्नति पर नियमानुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि नियमानुसार प्रक्रिया अपनाकर याची को उसमें शामिल किया जाए और माध्यमिक शिक्षा सेवा नियमावली के नियम 14 के तहत उसकी प्रोन्नति पर निर्णय लिया जाए।

कोर्ट ने एस नागराजन व और यूपी पावर कारपोरेशन बनाम राजेश कुमार के केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि प्रोन्नति में आरक्षण लागू नहीं किया जा सकता। इसके मुताबिक याची प्रवक्ता को आरक्षण के आधार पर दी गई प्रोन्नति सही नहीं है। साथ ही आरक्षण के लिए हीरालाल के मामले में हाईकोर्ट की पूर्णपीठ के फैसले के अनुसार कम से कम पांच पद होने चाहिए।




इस मामले में यह मानक भी नहीं लागू होता है। यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण टंडन एवं न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी की खंडपीठ ने अमरोहा स्थित जनता इंटर कॉलेज मोहाखेड़ा जेपीनगर के प्रवक्ता की अपील पर अधिवक्ता प्रभाकर अवस्थी व अन्य को सुनकर दिया। प्रभाकर अवस्थी का कहना था कि याची वरिष्ठ दो अध्यापक रिटायर हो चुके हैं। ऐसे में याची की प्रोन्नति को गलत नहीं कहा सकता।

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