रेलवे विकास प्राधिकरण में नियुक्ति प्रक्रिया शुरू, स्वतंत्र नियामक की सिफारिश

| August 12, 2017

बिबेक देबराय की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति ने जनवरी 2015 में रेलवे के सियासी इस्तेमाल पर अंकुश लगाने के लिए स्वतंत्र नियामक गठन करने की सिफारिश की थी। समिति ने आरडीए के चेयरमैन पद पर आईएएस अधिकारी को बैठाने की वकालत की है। सदस्य रेलवे, बुनियादी ढांचा, वित्त, विधि, प्रबंधन, यात्री सुविधाओं आदि में क्षेत्र के अनुभवी लोगों को रखा जा सकता है।








नई दिल्ली अर¨वद सिंहसरकार ने रेल विकास प्राधिकरण (आरडीए) के चेयरमैन व तीन सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अगले तीन माह में आरडीए काम करना शुरू कर देगा। इससे रेल यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने का रास्ता साफ होगा। वहीं, रेलवे के आधुनिकीकरण की कमान भी आरडीए के हाथों में होगी।रेल मंत्रलय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरडीए के पदों पर नियुक्ति के लिए मंत्रिमंडल सचिवालय के सचिव प्रदीप कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में सर्च कमेटी का गठन किया गया है।




इसमें रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ए.के. मित्तल, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के सचिव अजय मित्तल व एक अन्य अधिकारी को शामिल किया गया है।उन्होंने कहा, आरडीए के चेयरमैन सहित दूसरे पदों की नियुक्ति प्रक्रिया तीन माह में पूरी हो जाएगी। इनका कार्यकाल पांच साल का होगा। इनकी नियुक्ति व हटाने का अधिकार सरकार के पास होगा। आरडीए स्वतंत्र विनियामक के तौर पर काम करेगा। आरडीए कई क्षेत्रों में काम करेगा।




इसमें प्रमुख रूप से रेल यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं पेयजल, खाना, रिटारिंग रूम, वेटिंग हाल, ट्रेनों-स्टेशनों की सफाई को बेहतर बनाया जाएगा।ट्रेनें समय पर चलाने और यात्रियों की सुरक्षा-संरक्षा सुदृढ़ करने का दायित्व भी आरडीए पर रहेगा। बुनियादी ढांचे को मजबूत करने को निजी निवेश आकर्षित करने के लिए निवेशकों के लिए माहौल बनाएगा। आरडीए जरूरत पड़ने पर रेलवे बोर्ड से नीति में बदलाव की सिफारिश कर सकता है। जरूरत पड़ने पर आरडीए रेलवे बोर्ड पर दबाव भी बना सकेगा।

आरडीए रेल किराया-मालभाड़ा की दरों की समय समय पर समीक्षा करेगा। इसके साथ ही किराया-मालभाड़ा बढ़ाने की सिफारिश भी करेगा। हालांकि यह रेलमंत्री के विवेक पर पूरी तरह से निर्भर होगा कि आरडीए की सिफारिशों को लागू करे अथवा नहीं। जानकारों का कहना है कि किसी भी सरकार के लिए सीधे तौर पर रेल किराया बढ़ाना आसान नहीं होता है। लेकिन स्वतंत्र निकाय बार-बार सिफारिश करेगा तो इसे आधार बनाकर रेलमंत्री किराया बढ़ा सकेंगे।

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Category: Indian Railways, News

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