जामिया रेलवे, इंजीनियरिंग की भी देगा कोचिंग

| August 10, 2017

आरसीए में पांच से 10 फीसद सीट जामिया के छात्रों के लिए हो सकती है आरक्षित, मणिपुर में भी परीक्षा केंद्र खोलने पर हो रहा है विचार

नई दिल्ली : संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षाओं की कोचिंग सफलता से संचालित करने के बाद जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय रेलवे, इंजीनियरिंग और न्यायिक सेवाओं के लिए भी कोचिंग व प्रशिक्षण देने पर विचार कर रहा है। जामिया की आवासीय कोचिंग अकादमी (आरसीए) से प्रशिक्षित आइएएस और आइएफएस सहित यूपीएससी परीक्षाओं में सफलता पाने वाले छात्रों का मणिपुर की राज्यपाल और जामिया की कुलाधिपति नजमा हेपतुल्ला ने बुधवार को अभिनंदन किया।








आरसीए में सेवा देने वाले पूर्व राजदूत राजश्री भट्टाचार्य, महेश सचदेव और अशोक सज्जनहार सहित अन्य लोगों का भी अभिनंदन किया गया। आरसीए में प्रशिक्षण पाने वालों में से इस बार यूपीएससी परीक्षाओं में 29 छात्र सफल हुए थे।1नजमा हेपतुल्ला ने जामिया के एमए अंसारी सभागार में सफल छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आरसीए शानदार काम कर रहा है। इसका स्तर और अधिक बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए अमेरिका के एक विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है। कुलपति प्रो. तलत अहमद ने कहा कि विश्वविद्यालय की यह अकादमी रेलवे, इंजीनियरिंग और न्यायिक सेवाओं की परीक्षाओं के लिए भी छात्रों को कोंचिग देने व प्रशिक्षित करने पर गंभीरता से विचार कर रही है।




अकादमी को अगले तीन वर्षो में यह लक्ष्य रखना चाहिए कि प्रशिक्षण पाने वाले सफल छात्रों की संख्या 29 से बढ़कर कम से कम 50 हो जाए। आरसीए में अभी 200 उम्मीदवारों को यूपीएससी परीक्षाओं को कोचिंग दी जाती है। आरसीए की पांच से दस फीसद सीट जामिया के छात्रों के लिए भी आरक्षित करने पर भी विचार किया जा रहा है, लेकिन ऐसा धर्म या लिंग के आधार पर नहीं होगा। आरसीए के लिए प्रवेश परीक्षा के जरिये देश भर से छात्रों का चयन किया जाता है। इसके लिए दस परीक्षा केंद्र खोले गए हैं। अब मणिपुर सहित कुछ अन्य जगहों पर भी ये केंद्र खोले जाएंगे। कुलपति ने बताया कि अल्पसंख्यक मंत्रलय ने आरसीए के लिए एक महिला छात्रवास खोलने का आश्वासन दिया है।




आरसीए को और मजबूत करने की बात भी कही गई है।1अकादमी के मानद निदेशक एमएफ फारूकी ने बताया कि आरसीए ने इस साल सर्वाधिक सफल प्रदर्शन किया है। 29 उम्मीदवार सफल हुए हैं, जिनमें से आइएएस और आइपीएस के लिए पांच-पांच और आइएफएस के लिए एक का चयन हुआ है। उन्होंने छात्रों से कहा कि उनकी चुनौतियां तो अब शुरू हुई हैं, क्योंकि नैतिकता का उच्च मानदंड बनाए रखते हुए उन्हें अब जनता की सेवा में जुटना है।

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Category: Indian Railways, News

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