कर्मचारियों ने कहा, अपेक्षा के अनुरूप नहीं हुआ लाभ, थोड़ा मिला, ज्यादा की उम्मीद थी

| June 29, 2017

नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने एक साल की लंबे जद्दोजहद के बाद अंतत: केंद्रीय कर्मचारियों के भत्तों से जुड़े विवाद को खत्म करने की पहल की। उनके जो भत्ते बंद थे, कैबिनेट ने सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा लागू करने के बाद उन्हें संशोधनों के साथ लागू करने की अनुशंसा की। सातवें वेतन आयोग ने अपनी अनुशंसा में 53 भत्ते को बंद करने को कहा था, लेकिन कमिटी की रिपोर्ट आने के बाद इनमें से 12 भत्तों को बरकरार रखने का फैसला किया गया। सरकार ने भत्तों से जुड़े मसलों को निबटाने के लिए अशोक लवासा की अगुवाई वाली कमिटी बनाई थी। कमिटी ने 27 अप्रैल को अपनी रिपोर्ट वित्त मंत्री अरुण जेटली को सौंपी थी।








इन्हें दिया सरकार ने पुरस्कार

जिन भत्तों को समाप्त नहीं करने का फैसला लिया गया है, उनमें से ज्यादातर सेना, रेलवे, पोस्ट ऑफिस,साइंटिस्ट और कठिन हालात में काम करने वाले कर्मचारी हैं। केंद्र का दावा है कि इनसे जुड़े तमाम भत्तों को न सिर्फ बरकरार रखा गया बल्कि इनमें बहुत वृद्धि की गई है। नक्सल ऑपरेशन, सरहद पर काम करने वाले जवानों से लेकर सुदूर इलाकों में काम करने वाले कर्मचारी हों या बड़े मिशन पर लगे साइंटिस्ट, इनके भत्तों में 200 फीसदी तक वृद्धि की गई है। सरकार के अनुसार अतिरिक्त लाभ पाने वाले में लगभग 5 लाख कर्मियों को सीधा लाभ होगा।




सातवें वेतन आयोग ने कैशियर, साइकिल, मसाले, फ्लाइंग स्क्वॉड, हेयरकटिंग, साबुन, वर्दी, सतर्कता और कपड़ा धुलाई जैसे भत्तों को बंद करने का फैसला लिया था। नए संशोधन के बाद इसे ड्रेस भत्ता में बदल दिया गया है। इसके 4 स्लैब बनाए गए हैं जो 5 हजार, 10 हजार,15 हजार और 20 हजार रुपये सालाना होंगे। खतरनाक जगहों पर काम करने वालों को अधिक भत्ते मिलेंगे। नए फैसले के बाद सुंदरवन,अति पिछड़े इलाके में काम करने वाले कर्मियों को विशेष भत्ता मिलेगा। यह 1000 से 5300 रुपये तक प्रतिमाह होगा। साथ ही नार्थ-इस्ट में अलग से भत्ता मिलेगा।बच्चों को पढ़ाने के लिए भत्ता 1500 से बढ़ाकर 2250 रुपये तक कर दिया गया है। यह अधिकतम दो बच्चों पर मिलेगा। हॉस्टल सब्सिडी भी 4500 से बढ़ाकर 6750 रुपये कर दी गई है। राशन बेनिफिट अब सीधे खाते में जाएगा। राशन से जुड़े भत्ते को समाप्त करने की अनुशंसा की गई थी, लेकिन सरकार ने इसे बरकरार रखने को मंजूरी दी है। टेक्निकल विंग में काम करने वालों का भत्ता 3000 से बढ़ाकर 4500 रुपये कर दिया गया है। एलटीए में डिफेंस अधिकारियों को एक अतिरिक्त सहायक ले जाने की सुविधा दी गई है। स्पेशल ऑपरेशन में लगे सेना के जवानों का भत्ता 3000 से बढ़ाकर 11700 रुपये प्रतिमाह और अधिकारियों का भत्ता 6000 से बढ़ाकर 16900 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।




…पर विरोध में उठी आवाजें

सरकार की ओर से भत्तों पर फैसला लेने के तुरंत बाद इसके विरोध में भी आवाजें उठीं। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि 1 साल के बाद भी सरकार ने वही चीजें कीं, जिनका वे विरोध कर रहे थे। ऑल इंडिया हेल्थ इम्पलाइज एंड वर्कर्स असोसिएशन के सेक्रेटरी जनरल रामकृष्ण ने कहा कि हाउस रेंट में कोई बदलाव नहीं किया गया और सिर्फ डीए की रेंज को कम कर दिया गया। मतलब इसका लाभ पाने के लिए अभी कई साल का इंतजार करना होगा। कर्मचारियों की मांग है कि ये भत्ते वेतन आयोग की तरह ही 1 जनवरी 2016 से मिलें, लेकिन सरकार ने इन्हें 1 जुलाई 2017 से लागू करने की बात कही है। रामकृष्ण ने कहा कि सरकार ने जिन भत्तों को समाप्त किया है, उन्हें खत्म करने की जरूरत नहीं थी। वेतन आयोग ने अनुशंसा की थी कि ग्रुप इंश्योरेंस की व्यवस्था की जाए और सभी कर्मचारियों का कम से कम 1470 रुपये हर महीने वेतन से काट कर प्रीमियम का भुगतान किया जाए।

nbt allowances fb

Source:- NAVBHARAT TIMES

Category: News, Seventh Pay Commission

About the Author ()

Comments are closed.