दुनिया के सबसे ऊंचे रेल ट्रैक के लिए सर्वे शुरू करेगा रेलवे

| June 26, 2017

highers rail link

नई दिल्ली
भारतीय रेलवे अगले सप्ताह से दुनिया के सबसे ऊंचे रेल ट्रैक के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे शुरू करेगा। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर-मनाली से जम्मू-कश्मीर के लेह को जोड़ने वाली इस लाइन का रूट 498 किलोमीटर लंबा होगा। यदि इस रेल ट्रैक को तैयार करने की योजना परवान चढ़ती है तो यह चीन किंघाई-तिब्बत रेलवे को पछाड़कर दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ट्रैक होगा। इस ट्रैक की ऊंचाई समुद्र तल से 3,300 मीटर होगी। रेल मंत्रालय की ओर से जिन 4 महत्वपूर्ण रेल नेटवर्क्स की योजना बनाई गई है, उनमें से लेह तक बनने वाली यह लाइन भी होगी।








रेल मंत्री सुरेश प्रभु इस लाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे के काम का उद्घाटन 27 जून को करेंगे। इस सर्वे पर 157.77 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस सर्वे का खर्च रेल मंत्रालय की बजाय रक्षा मंत्रालय उठा रहा है। यह प्रस्तावित रेल लाइन बिलासपुर से चलकर सुंदरनगर, मंडी, मनाली, टांडी, केलॉन्ग, कोकसार, दारचा, उप्शी और कारू से होते हुए लेह तक जाएगी। इस फाइनल लोकेशन सर्वे की जिम्मेदारी रेलवे की पीएसयू कंपनी RITES को दी गई है।




रेल मंत्रालय के एक सीनियर अधिकारी ने बताया, ‘RITES ने इस चुनौतीपूर्ण काम को पूरा करने के लिए अपने एक्सपर्ट्स की एक टीम को तैनात कर दिया है। यह सर्वे तीन चरणों में होगा और इसके 2019 तक पूरा होने की उम्मीद है।’ फिलहाल इस रूट पर सड़क मार्ग है, लेकिन यह साल में 5 महीने ही खुला रहता है। यह लाइन चीन सीमा के करीब होने के चलते रणनीतिक और सामरिक दृष्टि से तो महत्वपूर्ण होगी ही, इसके अलावा यह हिमाचल और कश्मीर के लेह क्षेत्र में बड़े आर्थिक और सामाजिक लाभ का जरिए बनेगी। इसके अलावा क्षेत्र में पर्यटन उद्योग के विकास की संभावनाओं को भी बल मिलेगा।




रक्षा मंत्रालय ने रणीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चीन, नेपाल और पाकिस्तान की सीमाओं के नजदीक रेल प्रॉजकेट्स का प्रस्ताव दिया है। मंत्रालय की पहल पर 14 रणनीतिक लाइनें तय की गई हैं। इनमें से 4 हैं- बिलासपुर-मनाली-लेह, मिस्सामारी-तेंगा-तवांग, नॉर्थ लखीमपुर-बामे-सिलापठार और पासीघाट-तेजू-रूपई। पहले चरण में इन 4 लाइनों पर ही काम शुरू किया जाएगा।

Category: Indian Railways, News

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