Staff annoyed after Railways decided to surrender posts

| June 18, 2017

रेलमंत्रालय ने खर्चों पर लगाम लगाने के लिए देशभर के 17 जोनल रेलवे से 10 हजार 900 पद समाप्त करने का फैसला किया है। इसमें उत्तर पश्चिम रेलवे जयपुर सहित अन्य तीन मंडलों पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा सहित तीनों मंडलों के 600 कर्मचारियों के पद शामिल हैं।








रेलवे बोर्ड ने सभी 17 जोनल रेलवेज के जीएम को उनके यहां घटाए जाने वाले पदों की संख्या भेज दी है। रेलवे के इस निर्णय का देशभर में व्यापक स्तर पर विरोध शुरु हो गया है। रेलवे बोर्ड के निदेशक (ईएण्डआर) अमित सरन के इस आदेश के खिलाफ एआईआरएफ के जीएस शिवगोपाल मिश्रा, एनडब्ल्यूआरईयू के जीएस मुकेश माथुर यूपीआरएमएस के जीएस विनोद मेहता ने रेलमंत्री सुरेश प्रभु रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एके मित्तल को पत्र लिखकर आदेश वापस लेने की मांग की है।




पत्र में कहा है कि बिना वर्क स्टडी किए ही रेलवे बोर्ड ने पदों की समाप्ति का आदेश जारी कर दिया है। इंडियन रेलवे में पहले ही ढ़ाई लाख से अधिक पद रिक्त हैं। इनमें से 1.8 लाख पद सेफ्टी कैटेगरी के हैं। इन पदों को भरने के बजाय रेलवे बोर्ड ने 10,000 से अधिक पदों की समाप्ति की घोषणा कर दी है। ये रेलवे के परिचालन के लिए सही नहीं हैं। एनडब्ल्यूआरईयू के मंडल अध्यक्ष मुकेश चतुर्वेदी जोनल उपाध्यक्ष विनीत मान ने बताया कि उत्तर पश्चिम रेलवे में 300 पद समाप्त होंगे। जोन में पहले से ही 10,000 से भी अधिक पद रिक्त पड़े हुए हैं। जिससे कार्यरत कर्मचारियों पर काम का बोझ पड़ रहा है।




आदेशके खिलाफ रेलकर्मियों का प्रदर्शन

एआईआरएफएनडब्ल्यूआरईयू जोनल ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर रेलवे बोर्ड के पोस्ट सरेंडर वाले आदेशों केन्द्र सरकार की मजदूर विरोधी नीति तथा कर्मचारी पक्ष के साथ बनी सहमति के बावजूद भत्तों पर बनी कमेटी (अलाउंसेज कमेटी) की रिपोर्ट को लागू करने में की जा रही देरी के विरोध में उत्तर पश्चिम रेलवे सहित पूरे देशभर में अलग-अलग जगह धरने-प्रदर्शन किए गए। जयपुर में प्रदर्शन के दौरान यूनियन कार्यालय से कर्मचारियों ने रैली निकाली।

Category: Indian Railways, News

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