Railway adds up more work in the duties of Ticket Checking Staff

| June 18, 2017

railway tc

रेल से सफर करने वाले जानते हैं कि यात्रा के दौरान पैसिंजरों को होने वाली दिक्कतों को रेलवे के अलग-अलग महकमों का काम बताकर किस तरह अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। पैसा खर्च करने के बाद भी कोच की साफ-सफाई, पानी की कमी, सुरक्षा आदि जरूरतों से जुड़ी शिकायतों को कहां दर्ज कराया जाए- यात्री यह भी नहीं समझ पाते। ऐसे में यात्रा के वक्त कंडक्टरों को ये सभी शिकायतें सुनने और उन्हें दर्ज करने का जिम्मा देने के सुखद नतीजे निकल सकते हैं, बशर्ते वे यह जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाएं।






नई दिल्ली:- रेलवे ने ट्रेन कंडक्टरों की ड्यूटी और जिम्मेदारियों में कुछ संशोधन किए हैं। अब कंडक्टर सफर के दौरान यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं पर तो नजर रखेंगे ही, साथ ही वह यह भी देखेंगे कि बच्चों की तस्करी के लिए ट्रेन का इस्तेमाल न हो। इसके लिए उन्हें कहा गया है कि वे सफर के दौरान ऐसे संदिग्ध लोगों पर नजर रखें।

रेलवे की ओर से ट्रेन कंडक्टरों के लिए हाल में जारी गाइड लाइन में कहा गया है कि जिस स्टेशन से ट्रेन शुरू होनी है, वहां ट्रेन कंडक्टर को ट्रेन रवाना होने से कम से कम एक घंटे पहले पहुंचना होगा और अगर कंडक्टर को बीच में किसी स्टेशन से अपनी डयूटी शुरू करनी है तो उसे वहां भी आधा घंटा पहले पहुंचना होगा।




कंडक्टर यह भी सुनिश्चित करेगा कि कोच में कोई अनधिकृत व्यक्ति न हो। महत्वपूर्ण है कि वह ये भी चेक करेगा कि टॉयलेट में नल ठीक से काम कर रहे हैं या नहीं। इसी तरह से कंडक्टर की जिम्मेदारी होगी कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच कोच का गेट बंद रहे। ट्रेन में सफाई नहीं है तो ऑन बोर्ड सफाई कर्मचारियों से सफाई कराने की जिम्मेदारी भी उसी की होगी।




वह अपने पास कंप्लेन बुक रखेगा और यह भी सुनिश्चित करेगा कि अगर ट्रेन में खाने को लेकर यात्रियों की शिकायत है तो खाना परोसने वाले कर्मचारियों से वह पैसिंजरों को उपलब्ध कराए। वह अपने पास भी कंप्लेन बुक रखेगा। इसके अलावा वह एफआईआर के ब्लैंक फॉर्म भी रखना उसकी जिम्मेदारी होगी ताकि क्राइम होने पर फॉर्म भर कर उसे पुलिस को दिया जा सके। ट्रेन में यात्री को सिगरेट पीते पकड़ने पर भी वह ऐक्शन ले सकेगा।

Category: Indian Railways, News

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