Suresh Prabhu advocates awards and punishment policy side by side for Railway Employees

| June 9, 2017

नई दिल्ली, प्रेट्र : रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रेलकर्मियों के लिए प्रदर्शन के आधार पर पुरस्कार और दंड प्रणाली होने की वकालत की है। बेहतर परिणाम के लिए रेलमंत्री ने शीर्ष स्तर पर बदलाव का सुझाव दिया जिसका प्रभाव निचले स्तर तक आ सकता है। रेलवे के मानव संसाधन प्रबंधन पर गोलमेज सम्मेलन को संबोधित करते हुए गुरुवार को प्रभु ने कहा, ‘जिन्होंने अच्छा किया है उन्हें पुरस्कार मिलना चाहिए।








यह भी तय करना होगा कि जिनका प्रदर्शन अच्छा नहीं है उन्हें दंड मिले।’ देश भर में रेलवे के 68 मंडल और 17 जोन में 13 लाख कर्मचारी काम करते हैं।1रेलमंत्री ने कहा, ‘उदाहरण के लिए यदि हम एक परियोजना शुरू कर रहे हैं। निर्धारित समय के भीतर परियोजना पूरी होने के बाद काम करने वाली टीम को पुरस्कृत किया जाना चाहिए।




उसी तरह यदि देरी होती है और उससे संगठन को घाटे का सामना करना पड़ता है तो उसे दंड भी मिले।’ प्रभु ने कहा कि रेलवे में मुनाफे की संभावना है, लेकिन सामाजिक जवाबदेही निभाते हुए इसे हासिल नहीं किया जा सकता।




संगठन में बदलाव की जरूरत सामने रखते हुए उन्होंने कहा कि जब हम यह समझ जाएंगे कि कमी कहां रह गई है तभी बदलाव संभव हो सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे को खुद पर निगाह डालनी होगी। इसी से पता चलेगा कि यह सही ट्रैक पर है या नहीं और भविष्य के लिए तैयार हो सकेगा।
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Category: Indian Railways, News

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