मेडिकल में फिट हैं तो तभी मिलेगा रेलवे में प्रमोशन, मंत्रालय ने जारी किया आदेश

| May 30, 2017

“It is a broader issue of demography and other things. It takes time, but we will definitely look into it,” the Minister said at a press conference here. (PTI)

जयपुर. अगर आप रेलवे में हैं और आपकी तरक्की होने वाली है। तो एक बार पहले स्वास्थ्य की जांच करा लें, क्योंकि रेलवे ने 40 की उम्र के बाद या तरक्की से पहले फिजीकल फिटनेस को जरूरी कर दिया है। आप पूर्ण स्वस्थ नहीं तो तरक्की नहीं मिलेगी। ऐसे में आप रेलवे में बडे़ पद पर काम के लायक नहीं माने जाएंगे। रेल कर्मचारी संगठन इस आदेश को निजीकरण की दिशा में एक ओर कदम बता रहे हैं।








रेलवे के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर हेल्थ (जनरल) डॉ. अमिताव दत्ता की तरफ से जारी पत्र में स्पष्ट रूप से कहा है कि अप्रेजल भरने के पहले मेडिकल जांच जरूर करा ले। दिशानिर्देश में यह भी कहा गया है कि मार्च-अप्रैल महीने में हर साल मेडिकल चैकअप कराना अनिवार्य होगा।

पत्र में कहा गया है कि ब्लड टेस्ट जिसमें एचबी प्रतिशत, टीएलसी, डीएलसी, एफबीएस, एचबी एएलसी, लिपिड प्रोफाइल, एलएफटी, केएफटी, ईसीजी, यूरिन की जांच रिपोर्ट आवश्यक है। इसके साथ ही अगर ऑथराइज्ड फिजिशियन किसी तरह की जांच करने को कहता है तो उसे भी अवश्य रूप से कराए।




दरअसल, रेलवे का मानना है कि अनफिट लोगों के कारण काम प्रभावित होता है। बीमारी की आड़ में ज्यादातर अधिकारी या तो छुट्टी पर रहते हैं या काम में ध्यान नहीं देते हैं। इसीलिए रेलवे ने इस तरह का आदेश जारी किया है।

बता दें कि इस आदेश के तहत रेलवे बोर्ड के सदस्यों के साथ ही महाप्रबंधक, मंडल प्रबंधक, एक्जिक्यूटिव डॉयरेक्टर, डायरेक्टर भी आएंगे। इसके लिए अप्रेजल फॉरमेट में भी बदलाव किया गया है।




ये लिखा है आदेशों में
रेलवे बोर्ड के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर (हेल्थ जनरल) डॉ.अमिताभ दत्ता द्वारा जारी पत्र में निर्देश हैं- अप्रेजल भरने के पहले मेडिकल जांच करा लें। मार्च-अप्रैल में हर साल हैल्थ चैकअप कराना अनिवार्य होगा।
ब्लड टेस्ट जिसमें एचबी प्रतिशत, टीएलसी, डीएलसी, एफबीएस, एचबी, एएलसी, लिपिड प्रोफाइल, एलएफटी, केएफटी, ईसीजी, यूरिन आदि की जांच रिपोर्ट आवश्यक है। ऑथराइज्ड फिजिशियन किसी तरह की जांच करने को कहता है तो उसे भी अवश्य रूप से कराए।
विरोध भी शुरू: एनडब्ल्यूआरईयू के जोनल उपाध्यक्ष विनीत मान कहते हैं- सरकार रेलवे का पूरी तरह से निजीकरण करना चाहती है। प्रारंभ में अधिकारियों को इसके अधीन रखा गया है। लेकिन जल्दी ही इसे सभी स्तर के कर्मचारियों व अधिकारियों पर लागू कर दिया जाएगा। बीमारी के नाम पर पहले रेलवे कर्मचारी को तरक्की नहीं देंगे, बाद में रेलवे से बाहर कर देंगे।

Category: Indian Railways, News

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