Indian Railways is all set to change promotion rules for its staff

| May 22, 2017

अफसरों को बेहतर काम पर प्रमोशन, सीनियरिटी या उम्र को देखकर नहीं

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नयी दिल्ली:- जुलाई महीने से सीनियर उम्र को देखते हुए रेलवे के अधिकारियों को प्रमोशन नहीं मिलेगा। रेलवे मंत्रालय सीधे अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा करेंगे और उनके उत्कृष्ट कार्य को देखने के बाद ही प्रमोशन का टर्म पूरा होने पर प्रोन्नति मिलेगा। अभी वर्तमान में मौजूदा व्यवस्था यह है कि अधिकांश अधिकारी कार्य कम और प्रमोशन पाने के लिए कई तरह के हथकंडा अपनाने लगते हैं। अधिकारियों की लॉबी अब खत्म हो जाएगी। यात्रियों की सुविधाएं, योजनाएं समय पर ट्रेनों की परिचालन आदि सभी कार्यों की समीक्षा की होगी। रेलवे के अनुसार अधिकांश अधिकारी लॉबी के माध्यम से सीनियर और उम्र का लाभ पाकर प्रमोशन पा लेते हैं। जबकि कई कनीय पदाधिकारी कर्मी बेहतर कार्य करने के बावजूद भी समय पर उन्हें प्रमोशन नहीं मिलता है।








अब मंडल में 4 एडीआरएम

रेलवेके अनुसार आने वाले दिनों में जीएम से अधिक डीआरएम की जिम्मेवारी होगी। मंडल स्तर पर होने वाले कार्य के लिए जवाबदेह डीआरएम होंगे। डीआरएम के नीचे चार एडीआरएम होंगे। जिसमें अलग-अलग कार्य क्षेत्र होगा। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, मेंटीनेंस, रोलिंग स्टॉक पैसेंजर-फ्रेट शामिल है। डीआरएम का कार्य निगरानी रणनीति बनाना होगा। एडीआरएम डीआरएम के कार्यों पर सीधी नजर रेल मंत्रालय रखेंगे। हर माह रिपोर्ट भी भेजना होगा।

सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से पहले ही कई कर्मचारी संगठन नाराज थे। सरकार की अपील पर हड़ताल चार महीने टली थी। अब यह संगठन नोटिफिकेशन में प्रमोशन और प्रदर्शन को जोड़ने के फैसले के खिलाफ खड़े हो गए हैं। इनका कहना है कि पहले ही प्रमोशन के नियम पेशेवर नहीं हैं और अब ज्यादा परेशानी होगी।

कर्मचारियों की नाराजगी सबसे ज्यादा प्रमोशन के नए मापदंडों को लेकर है। नए नियमों के लागू होने के बाद किसी भी कर्मचारी को तभी तरक्की मिलेगी जब उसका काम ‘वेरी गुड’ की श्रेणी में आएगा। अब तक “गुड” आने से ही तरक्की का रास्ता खुल जाता था।




रेलवे के कर्मचारी सरकार के फैसले से खफा
एनडीटीवी को उत्तरी रेलवे के हेडक्वार्टर बड़ौदा हाउस में ऐसे कई कर्मचारी मिले जो सरकार के इस फैसले से नाराज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रमोशन के नियम पहले से ही पेशेवर नहीं हैं और बहुत कुछ बड़े अधिकारियों की मनमर्जी से होता है। उनका दावा है कि इस फैसले से चमचागिरी को और बढ़ावा मिलेगा और अब प्रमोशन मिलना अधिक मुश्किल हो गया है।

आल इंडिया रेलवे प्रमोटी आफिसर्स फेडरेशन के सेक्रेटरी जनरल रमन शर्मा कहते हैं कि अधिकारियों को प्रमोशन के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। सवाल अच्छे काम के पैमाने पर खरा न उतरने वाले कर्मचारियों की सैलरी में सालाना होने वाली बढ़ोतरी को रोकने के प्रावधान को लेकर भी उठ रहा है। अब आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन इन प्रावधानों को सरकार के सामने रखने की तैयारी कर रहा है।




आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के सेक्रेटरी जनरल शिवगोपाल मिश्रा ने कहा, “पे कमीशन के इन  सुझावों को सरकार ने जिस तरह से स्वीकार किया है वह गलत है। हमने पे कमीशन के सामने भी इसका विरोध किया था। अब हम अपना विरोध सरकार के सामने रखेंगे।” यानी न्यूनतम बेसिक सैलरी पर टकराव के बाद अब प्रमोशन के नए नियम पर सरकार और कर्मचारी संघ फिर आमने-सामने आ रहे हैं।

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Category: Indian Railways, News

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