7th Pay Commission – HRA is all set to remain at 30%

| March 8, 2017

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नई दिल्ली. 7वें पे कमीशन में सेंट्रल गवर्नमेंट इम्प्लॉई को मिलने वाले HRA के 30% रहने के आसार हैं। इससे सेंट्रल गवर्नमेंट के 47 लाख इम्प्लॉइज को राहत मिलेगी। बता दें कि कमीशन ने अपनी रिपोर्ट में HRA को 6% घटाकर 24% किए जाने की सिफारिश की थी। फाइनेंस सेक्रेटरी अशोक लवासा की अगुआई में बनी कमेटी ने पिछले दिनों अरुण जेटली को अपनी सिफारिशें दी थीं। कमेटी ने पे कमीशन की उस सिफारिश को भी मान लिया है, जिसमें ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) को 6th पे कमीशन जितना रखने की सिफारिश की गई थी। DA को भी बताया सही…

– 11 मार्च को चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद सरकार बजट सत्र में इसका एलान कर सकती है। बजट सेशन का दूसरा फेज 9 मार्च से 12 अप्रैल तक चलेगा। नए रेट पर अलाउंसेस 1 अप्रैल से मिल सकते हैं।
– मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिकमंडेशन में 125% के रेट से मिलने वाले डियरनेस अलाउंस को भी सही बताया गया। HRA, जो गवर्नमेंट इम्प्लॉई की बेसिक सैलरी का 30% होता है, उसमें किसी तरह के बदलाव की उम्मीद नहीं की जा रही।
– बता दें कि पे कमीशन ने पिछले साल सौंपी अपनी रिपोर्ट में 196 अलाउंसेस में से 53 को खत्म करने की रिकमंडेशन की थी। इसके साथ ही कई अलाउंस दूसरों में मर्ज किए जाने की भी सिफारिश की गई थी।
यह भी सिफारिश
– शहरों की कैटेगरी के बेस पर HRA नई बेसिक सैलरी का 24%, 16% और 8% हो।
– DA बेसिक का 50% से ज्यादा होने पर HRA 27%, 18% और 9% हो।
– DA बेसिक के 100% से ज्यादा हुआ तो HRA 30%, 20% और 10% किया जाए।
बदलाव की उम्मीद नहीं
सूत्रों के मुताबिक, कमेटी ने शहरों की कैटेगरी के बेस पर HRA 30%, 20% और 10% रखने की सिफारिश की है। अब भी यही रेट लागू है।
GPF की हो सकती है वापसी
जनरल प्रोविडेंट फंड यानी GPF की वापसी हो सकती है। लेबर मिनिस्टर बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि इम्प्लॉइज नए पेंशन सिस्टम एनपीएस से खुश नहीं हैं। इसलिए वे जीपीएफ दोबारा शुरू करने के बारे में फाइनेंस मिनिस्टर से बात करेंगे। केंद्र ने 2004 में एनपीएस लागू किया था।
यूनियन ने की मीटिंग
– 7वें वेतन आयोग को लेकर सेंट्रल गवर्नमेंट की इम्प्लॉइज यूनियनों ने गुरुवार को एक मीटिंग की।
– नेशनल ज्वाइंट काउंसिल ऑफ एक्शन (NJCA) के कन्वीनर शिवगोपाल मिश्रा ने कहा कि अलाउंसेस पर फैसला अब केंद्र सरकार ही करेगी।
– NJCA ने अशोक लवासा की कमेटी के साथ 22 फरवरी को भी एक मीटिंग की थी। इसमें दोनों के बीच अलाउंसेस को लेकर चर्चा हुई थी।
जून में सिफारिशों को मिली थी हरी झंडी
– सरकार ने जून 2016 में 7th पे कमीशन की सिफारिशों को मंजूरी दी थी।
– अरुण जेटली ने कहा था कि इससे इम्प्लॉइज की मिनिमम सैलरी 7 से 18 हजार तक बढ़ जाएगी।
– सभी क्लास के इम्प्लॉइज की बेसिक सैलरी 2.57 गुना बढ़ेगी।
– सरकार ने 7th पे कमीशन की अलाउंस से जुड़ी सिफारिशों पर रिव्यू के लिए कमेटी बनाई थी।
– अभी 196 तरह के अलाउंस मिलते हैं। पे कमीशन ने 53 अलाउंस को खत्म करने और 37 को दूसरे अलाउंस के साथ मिलाने की सिफारिश की थी।
इन अलाउंसेस को खत्म करने की थी सिफारिश
– साइकिल, हेयर कटिंग, फरलो जैसे अलाउंस खत्म करने की सिफारिश पे कमीशन ने की थी।
– कई अलाउंस तो ऐसे हैं, जिनमें 50 पैसे से एक रुपए तक भत्ता था। वहीं, नए अलाउंस परफॉर्मेंस बेस्ड होंगे। यानी जो अच्छा काम करेगा, उसे मोटिवेशन अलाउंस मिलेगा।
Source:- Bhaskar.com

Category: News, Seventh Pay Commission

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