7th Pay Commission – Government to soon implement report of Lavasa committee on HRA

| February 21, 2017
A hike in the wage limit as proposed would mean all employees drawing basic salary Rs 25,000 would have to compulsorily contribute to the provident fund.

A hike in the wage limit as proposed would mean all employees drawing basic salary Rs 25,000 would have to compulsorily contribute to the provident fund.

सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को पिछले साल जून में मोदी सरकार की ओर से मंजूरी मिलने के बाद सरकारी कर्मचारी भत्ते को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार के रूख का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि वित्त सचिव अशोक लवासा के नेतृत्व में भत्ते पर बनी कमिटी सोमवार को वित्तमंत्री अरुण जेटली को अपनी समीक्षा रिपोर्ट सौपेंगी।
भत्तों को लेकर सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर कमर्चारियों ने विरोध जताया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने इस पर कमिटी का गठन किया।

बता दें कि आयोग ने मकान किराए भत्ते (HRA) को मूल वेतन के 30 प्रतिशत से घटाकर 24 प्रतिशत करने की सिफारिश की थी। छठें वेतन आयोग में मकान किराए भत्ते को 30 प्रतिशत करने का प्रावधान किया गया था।

खबरों के मुताबिक मकान किराए भत्ते को लेकर अशोक लवाला के नेतृत्व वाली कमिटी मौजूदा HRA स्लैब को मेट्रो शहरों के लिए 30 प्रतिशत करने की सिफारिश कर सकती है। इस मुद्दे पर जल्द ही घोषणा होने उम्मीद है।

क्या है पूरा मामला
1. भत्ता केंद्र सरकार के कमर्चारियों की सैलरी का अहम हिस्सा होता है। ऐसे में जब आयोग ने भत्ता घटाने की सिफारिश की, तो कमर्चारियों ने विरोध का स्वर बुलंद कर दिया।

2. सातवें वेतन आयोग ने कर्मचारियों के लिए मौजूदा 196 भत्तों में से 53 को खत्म करने और कुछ को अन्य के साथ समाहित करने की सिफारिश की थी।

3. आयोग द्वारा मूल वेतन में 14.27 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने की सिफारिश पिछले 70 सालों में किसी आयोग द्वारा की गई सबसे कम है। इसके साथ भत्ते में कटौती लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा अंतर पैदा कर देता।

4. भत्ते पर आयोग की सिफारिशों की समीक्षा के लिए केंद्र सरकार ने वित्त सचिव अशोक लवासा की अगुवाई में कमिटी का गठन किया।

5. शुरुआत में कमिटी को अपनी रिपोर्ट वित्तमंत्री को सौंपने के लिए चार महीने का समय दिया गया था। खबरों के मुताबिक पिछले साल अक्टूबर में अशोक लवासा ने कहा था कि वे अपनी रिपोर्ट तैयार कर चुके हैं।

6. हालांकि बाद में कमिटी को रिपोर्ट सौंपने के लिए 22 फरवरी 2017 का वक्त मिला। सातवें वेतन आयोग के अनुमान के मुताबिक भत्ते में बढ़ोत्तरी के बाद पहले साल 29,300 करोड़ रुपये का भार केंद्र सरकार पर आएगा।

7. कुछ खबरों के मुताबिक पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव पूरा होने के बाद केंद्र सरकार संशोधित भत्ते को मंजूरी दे सकती है। संशोधित भत्ते 1 अप्रैल से लागू होंगे। इसी दिन नया वित्त वर्ष शुरू होगा।

Category: News, Seventh Pay Commission

About the Author ()

Comments are closed.