CBI nabbed Railway Doctor in corruption case

| February 15, 2017

dr ra

जोधपुर.रेलवे अस्पताल के डॉ. बीआर परमार को सीबीआई ने मंगलवार रात उसके घर पर एक रेल कर्मचारी से 8 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी डॉक्टर को सीबीआई के डीआईजी के बराबर प्रतिमाह 2 लाख रुपए वेतन मिलता है। डॉक्टर परमार ने रेल कर्मचारियों को मेडिकल सर्टिफिकेट देने के बदले रिश्वत से भी लाखों रुपए बनाए, मगर सभी शेयर में डूबो दिए।

 

उसने हर सर्टिफिकेट के 10 हजार रुपए तय कर दिए और आखिर में मंगलवार रात अपने घर पर एक कर्मचारी से 8 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे-हाथों पकड़ा गया। ब्यूरो ने बुधवार सुबह मेडिकल जांच करवा उसे कोर्ट में पेश किया और एक दिन के रिमांड पर लिया है।
उसके घर व ऑफिस की तलाशी में मिले दस्तावेजों की छानबीन करने के साथ उससे पूछताछ की जा रही है। सीबीआई ने बताया कि बाड़मेर में पोस्टेड रेलवे कर्मचारी रवि गुर्जर को अपना मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट बनाना था। उसे हर 4 साल में एक बार मेडिकल सर्टिफिकेट लेना पड़ता था और यह डॉ. परमार ही देता था।

 
 

परमार ने इस सर्टिफिकेट के लिए उससे 10 हजार रुपए मांगे तो रवि ने सीबीआई को शिकायत कर दी। डीएसपी जेबी सिंह ने शिकायत का सत्यापन कराया तो वह 8 हजार रुपए लेने को तैयार हो गया और उसे मंगलवार शाम अस्पताल बुलाया। जब वह अस्पताल गया तो उसे रात में घर आने को कहा। रात में जैसे ही परमार ने उससे 8 हजार रुपए लिए, ब्यूरो टीम ने गिरफ्तार कर लिया।

 
 

हर सर्टिफिकेट के बदले तय कर रखे थे 10 हजार रुपए

 
 

परमार का वेतन अभी लगभग 2 लाख रुपए है। रेलवे में हर स्तर के कर्मचारी को समय-समय पर फिटनेस सर्टिफिकेट लेना पड़ता है, वह भी परमार ही देता था और बदले में पैसा लेता था। इस तरह उसने पिछले पांच सालों में लाखों रुपए बनाए, मगर अधिकांश पैसा उसने शेयर्स में लगाया इसलिए उसके घर व ऑफिस की तलाशी में प्रोपर्टी में ज्यादा निवेश नहीं मिला।

 
 

शेयर्स का भी पैसा डूब गया तो उसने कर्ज ले लिया। अब कर्ज का ब्याज चुकाना भारी पड़ रहा था, वेतन मिलते ही उसके पास मांगने वालों की लाइन लग जाती थी। कुछ महीनों से उसने कर्ज की भरपाई के लिए वह हर सर्टिफिकेट पर पैसा लेना शुरू कर दिया था।
Source:- Bhasker.com

Category: Indian Railways, News

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