Railway to make holding companies of its units

| January 27, 2016

Railway to make holding companies of its units

Railway to make holding companies of its units,Railway Units to be made holding companies. This would be another step towards the privatization of Indian Railways. Many companies such as IRCTC, RITES, IRCON, CRIS etc. are in line for this. Next in line may be the Production units of Railways. Please read this news paper report published in hindi dailyJagran:-
नई दिल्ली : सरकार रेलवे के सार्वजनिक उपक्रमों के लिए एक होल्डिंग कंपनी बनाने पर विचार कर रही है। वर्ष 2016-17 के रेल बजट में इसका एलान होने की संभावना है।1रेल मंत्रलय के अधीन 16 सार्वजनिक उपक्रम कार्यरत हैं। इनमें आइआरसीटीसी, इरकॉन, राइट्स, आरएलडीए, कॉन्कोर, केआरसीएल, आरसीआइएल (रेलटेल), पीआरसीएल, आरवीएनएल, क्रिस, डीएफसीसीएल, आइआरएफसी, एमआरवीसी, बीडब्ल्यूईएल, बीएससीएल व बीसीएल के नाम शामिल हैं। इन उपक्रमों में रेल मंत्रलय की इक्विटी 51 से 100 फीसद तक होने के बावजूद किसी में भी 200 करोड़ रुपये से ज्यादा पूंजी नहीं हैं। किसी-किसी उपक्रम में तो महज 20-25 करोड़ रुपये की इक्विटी है।1 ऐसे में इनके लिए बाजार से सस्ती दर पर कर्ज जुटाना मुश्किल होता है। आइआरएफसी का एकमात्र काम रेल बजट में घोषित परियोजनाओं के लिए बाजार से धन जुटाना है। परियोजनाओं के क्रियान्वयन से उसका कुछ लेना देना नहीं है। लेकिन अन्य उपक्रमों को परियोजनाओं के क्रियान्वयन के साथ धन का इंतजाम भी खुद ही करना पड़ता है। सरकार से उन्हें यदा-कदा ही मदद मिलती है। वैसे भी सरकार से मदद लेना किसी भी उपक्रम को अच्छा नहीं लगता क्योंकि इससे उसकी उपयोगिता पर सवाल खड़ा हो जाता है। होल्डिंग कंपनी बनाए जाने से इन तमाम समस्याओं का एक साथ समाधान हो सकता है। सरकार का मानना है कि सभी रेलवे पीएसयू के लिए एक होल्डिंग कंपनी बना देने से उसे सामूहिक इक्विटी के बल पर बाजार से सस्ती दर पर काफी अधिक धन प्राप्त हो सकता है। यह इसलिए भी जरूरी है क्योंकि रेलवे को अपनी विस्तार व आधुनिकीकरण परियोजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर कम लागत के धन की दरकार है।
comp-st

Category: Indian Railways, News

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